साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। शत्रु निवारण: शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र प्रभावी होते हैं। https://laxmi78876.post-blogs.com/60139486/details-fiction-and-prem-aur-sambandh-sudhaar